ओ माँ मैं कतु क्रिएटिव है गयुं
मील बणे हाली ग्रुप चार
जके मन आ एड कर दीन्यु
फोटू ले खीँच ल्योनु दुई चार
मैं कतु क्रिएटिव है गयुं
रोज एक नोट लिखनु
आपण रचना में सबुके टेग कर दिन्यू
उनरी वाल हैक कर दिन्यू
ओ माँ मी कतु क्रिएटिव है गयुं
पैली दिनभर आराम कर छी
अब चितन मनन कर नियुं
बौद्धिक वर्ग कें मित्र बने बेर
मी कतु बुद्धिमान बण गयुं
मेड ले मेरी खुश हरे
मेमसाहब कम्प्यूटर मे घुस रे
मनमौजी काम करने
मी ले वेक लापरवाही
इग्नोर कर नियुं
ओ माँ मी कतु क्रिएटिव है गयुं
फ़ालतू चेटिंग मके भाल नी लागन
चुपचाप ऑफलाइन है बेर
सबुकी वाल पर नजर धरनियूँ
आपुके एलीट दिखेनयूँ
आपण पुराण शौक रिवाइव करनियुं
साड़ी पैरण भूल गेछी
अब फिर साड़ी पैरनियु
सबुकें प्रोफाइल पिक बदलनक
बिमारी लागुनयूँ
ओ माँ मी कतु क्रिएटिव है गयु
कुमाऊंनी बलाण में कतु अटकछी मैं
भारत लोहनी ज्युकि कृपा ले अब
कविता लिखण कोशिश करनीयूँ
अब तो मिके चश्म ले लाग हो
मी कतु इंटेलेक्चुल दिखिनियु
ओ माँ मैं कतु क्रिएटिव है गयुं
- प्रतिभा
[ साभार 'फेसबुकी गयुं ' से प्रेरित ]
2012 में लिखी कविता

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