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उत्तरखन्ड कि लगुलि
समनि भयो, समनि बेण्यो
उत्तरखन्ड कि लगुलि छौ
ग्वीराल्लु कु फूल छौ
ग्नीथि तैडु घूल्लि
तिमला वेडु खैकि.
जौन्ल्लि मगरुकु..
ऐडु पाणि पे कि
बाड़ि झुगरु,..
कौणि मरसु घूलि
ठुल्लु बण्यू छौ
उत्तरखन्ड कि लगुलि छौ..
.जखि रौ, राजि रॊ
राजेन्द्र कोटनाला
बुधवार..
२८ अप्रैल २ ०२१
सुखि रौ भलि रौ
राजेंद्र प्रसाद कोटनाला

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