आंगन (चकराता , देहरादून )

उत्तराखंड की लगूली

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आंगन (चकराता , देहरादून ) के एक भवन काष्ठ कला अलंकरण, उत्कीर्णन

गढ़वाल, कुमाऊँ , के भवन ( कोटि बनाल , तिबारी , बाखली , निमदारी) में पारम्परिक गढ़वाली शैली के 'काठ लछ्याणौ , कुर्याणौ पाड़ी ब्यूंत' की काष्ठ कला अलंकरण, उत्कीर्णन 479 -Traditional House wood Carving art of , Jaunsar , Dehradun

संकलन - भीष्म कुकरेती

जौनसार भाबर प्राचीन भवन व भवनों में ज्यामितीय काष्ठ कला व अभिनव शैली हेतु प्रसिद्ध रहा है। आंगन ( चकराता ) का प्रस्तुत भवन ढाई पुर है व कोटि बनाल शैली (लकड़ी व पत्थर मिलाकर भवन ) पर निर्मित हुआ है। आंगन के प्रस्तुत भवन वास्तव में ज्यामितीय कला से निर्मित शैली के सदा याद किया जायेगा। इस तरह के खड़े स्तम्भ ६ से अधिक दिख रहे हैं।

प्रस्तुत भवन में भूतल (ground floour ) में कुम्भी युक्त (उल्टा कलम दल, ड्यूल , सीधा कमल दल से निर्मित कुम्भियाँ युक्त ) स्तम्भ दृष्टिगोचर हो रहे हैं। प्रस्तुत भवन में इन अलंकृत खड़े स्तम्भों को छोड़ शेष लकड़ी के अंग (स्तम्भ व पटिले /तख्ते ) सभी ज्यामितीय कटान के श्रेष्ठ व उत्कृष्ट उदाहरण हैं। ज्यामितीय कला में भवन का सानी नहीं।

निष्कर्ष निकलता है कि आंगन (चकराता ) का प्रस्तुत भवन में ज्यामितीय कटान कला का उत्कृष्ट उदाहरण मिलता है व प्राकृतिक कला, अलंकरण (कमल फूल दल ) भी उत्कृष्ट है।

सूचना व फोटो आभार : सुरेंद्र सिंह (चकराता : हार्ट ऑफ़ जौनसार भाबर FB ग्रुप से )

यह लेख भवन कला संबंधित है न कि मिल्कियत हेतु . मालिकाना जानकारी श्रुति से मिलती है अत: अंतर हो सकता है जिसके लिए सूचना दाता व संकलन कर्ता उत्तरदायी नही हैं .

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