बिसगुणा

उत्तराखंड की लगूली

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बिसगुणा

 

कुटण,पीसण,

सै पैलि,

भलि कै सुखाणु,

बल नाज,बिसगुणा।

ह्यराम,

भितरयूं बटी,

पुंगड़्युं ऐगीं जंदरि,

चौक तिराळी बटी,

रौल्यूँ पौंछी उर्ख्याली,

कूणा,कुणयाट्टों,

खड़ी ह्वैगीं गंजेळी,

कैन सुखाणै,

किलै सुखाणी बिसगुणा,

अब त कै गुणा बिष,

कुट्यूं,पिस्युं धरयुं भितर,

मोल खरीदी बजारौ।

 

केशव डुबर्याळ "मैती"

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