1946 के रानीखेत

 


1946 के रानीखेत में भवन संख्या दो में काष्ठ कला अलंकरण, अंकन

Traditional House Wood Carving Art in Nainital;
कुमाऊँ, गढ़वाल, उत्तराखंड , की भवन ( बाखली, तिबारी,निमदारी,जंगलादार मकान,खोली, कोटिबनाल ) में 'काठ कुर्याणौ ब्यूंत' की काष्ठ कला अलंकरण, अंकन - 
संकलन - भीष्म कुकरेती
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भवन संबंधी सूचनाएं अब कई प्रकार से मिल रही हैं।
पिछले भाग में रानीखेत के एक मकान में काष्ठ कला अंकन पर चर्चा हुयी थी। आज 1946 के छायाचित्र के दूसरे भवन के काष्ठ अंकन अलंकरण पर चर्चा होगी।
भवन ढैपुर -दुखंड -तिखंड है। भवन के पहले तल पर बरामदा है व दस से अधिक स्तम्भ ऊपर की ओर स्थापित हुए हैं। दो स्तम्भों के मध्य ख्वाळ / झरोखे निर्मित हैं। कुछ ख्वाळ खुले हैं व शेष झरोखे काष्ठ पट्टिकाओं से ढके हैं।
छायाचित्र से स्पष्ट दृष्टिगोचर होता है कि भवन में काष्ठ कार्य ज्यामितीय अंकन हुआ है व कहीं भी प्राकृतिक व मानवीय अलंकरण नहीं हुआ है।
भवन भविष्य में उत्तराखंड में भवन निर्माण शैली के क्रमगत इतिहास समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा .
सूचना व फोटो आभार: -------archive Indian photo
यह लेख भवन कला संबंधित है न कि मिल्कियत संबंधी। . मालिकाना जानकारी श्रुति से मिलती है अत: नाम /नामों में अंतर हो सकता है जिसके लिए सूचना दाता व संकलन कर्ता उत्तरदायी नही हैं .
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