घीड़ी (बणेलस्यूं , पौड़ी गढ़वाल )

 


घीड़ी (बणेलस्यूं , पौड़ी गढ़वाल ) में राजेंद्र कुकरेती के भवन में काष्ठ कला अलंकरण, अंकन

Tibari House Wood Art in House of Ghiri , BANELSYUN , Pauri Garhwal
गढ़वाल, कुमाऊँ, उत्तराखंड,की भवन (तिबारी,निमदारी,जंगलादार मकान,,बाखली,खोली , मोरी, कोटि बनाल ) में 'काठ कुर्याणौ ब्यूंत ' की काष्ठ कला अलंकरण, अंकन -
संकलन - भीष्म कुकरेती -
आश्चर्य है कि बणेलस्यूं जैसे पट्टी अथवा निकटस्थ पट्टी मनियारस्यूं से अभी तक एक भवन की सूचना मिली है जिसमे तिबारी है। प्रस्तुत है घीड़ी ( बणेलस्यूं , पौड़ी गढ़वाल) में राजेंद्र कुकरेती के भवन में तिबारी स्तम्भ में काठ कुर्याणौ ब्यूंत ' की काष्ठ कला अलंकरण, अंकन का वृतांत।
सूचना अनुसार घीड़ी के राजेंद्र कुकरेती के तिबारी युक्त भवन ढैपुर , दुखंड /दुघर है। पहले तल पर तिबारी है। तिबारी में चार सिंगाड़ /स्तम्भ है जो तीन ख्वाळ निर्मित करते हैं। स्तम्भ के आधार पर अधोगामी (उल्टा ) पद्म पुष्प दल से कुम्भी निर्मित हुयी है , कुम्भी के ऊपर घट पेट के आकर की भांति ड्यूल है। ड्यूल के ऊपर उत्घ्वागामी (सीधा ) पद्म दल उभर कर आया है। स्तम्भ यहां से लौकी आकर ले लेता है। जहां पर मोटाई कम से कम है वहां पुनः अधोगामी पदम् दल अंकित है जिसके ऊपर ड्यूल है व ऊपर उर्घ्वगामी पद्म पुष्प दल है। तिबारी में मुरिन्ड में तोरणम (मेहराब ) भी है।
स्तम्भ के ऊपर पत्तों वाली /फर्न आकार का अंकन हुआ है।
निष्कर्ष निकलता है कि घीड़ी (बणेलस्यूं , पौड़ी गढ़वाल ) में राजेंद्र कुकरेती के भवन में प्राकृतिक व ज्यामितीय काष्ठ कला अनकंरण अंकन हुआ है।
सूचना व फोटो आभार: मीनाक्षी भारद्वाज यह लेख भवन कला संबंधित है . भौगोलिक स्थिति व मालिकाना जानकारी श्रुति से मिलती है अत: यथास्थिति में अंतर हो सकता है जिसके लिए सूचना दाता व संकलन कर्ता उत्तरदायी नही हैं .
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