पैलो पाठ

ओम प्रकाश सेमवाल,

We Garhwali (कलश) श्रृंखला कु पैलो पाठ-

 

अशुद्ध वाक्य-

1-आप (अगने) हिटणा रवा

मैं(मि) (पिछने) बटिन औणू (छों)।

2-(भोत-भोत) बधै (आपतें)।

अक्सर हम गढ़वाळि बोल्दा त ठिक छन पर जब लिखदा छन त काफि अशुद्ध लिखदा

हम बोलण छा च्हाणा--

शुद्ध वाक्य -

1-आप (अगनै)हिटणा रवा

मैं (मि) (पिछनै)बटिन औणू छौं।

2-भौत-भौत बधै आपतैं।

यों द्वी वाक्यों तैं लिखण मा क्य गळ्ति ह्वे?

आप होला सोचणा सहि त छिन!द्वी वाक्य!

अगने/पिछने/भोत/ आपतें

यि सब अशुद्ध किलै छन?

त बतौंदो छौं!

ध्यान लगैक सूणा अर बींगा--

उदाहरण(1)-ने -नेक कार्य ,नै-नैनीताल

(क)-आपन नेक कार्य बोल्दि दौं 'ने' कु उच्चारण जन करि, तनि अगने/पिछने मा भि त 'ने' कु उच्चारण होलो कि ना-एक ही शब्द च त उच्चारण भि त एक ही होलो ?

(ख) -नैनीताल मा 'नै' कु जन उच्चारण ह्वे तनि त होलो,अगनै का 'नै' कु भि।

शायद ऐगे होलो अब त!समझ मा नि आयि त कै बार पढ़ा ये उदाहरण तैं।

उदाहरण(2)- भो-भोर ,भौ-भौतिक विज्ञान,तें-तेंदुआ,तैं-तैंतीस

(क)-भोर मा 'भो' कु उच्चारण जन होलो वनि त होण चैंद भोत मा 'भो' कु उच्चारण

(ख)-भौतिक विज्ञान मा 'भौ' कु उच्चारण जन होलो वनि त होलो भौत मा भि 'भौ' कु,

अब त समझ मा जरूर ऐगे होलो।

(ग)-तेंदुआ मा 'तें' जन उच्चारण हि त च आपतें मा 'तें' कु।

आपतैं 'मा तैं' वनि त बोलला,जन तैंतीस मा 'तैं' बोलणा।

उदाहरण(3)-छों-छोंकर(जाटों कु एक गोत्र) ,छौं-छौंक

(क)-छोंकर मा 'छों' कु उच्चारण जन होलो वनि त होण चैंद 'छों' कु भि।

(ख)-छौंक मा 'छौं' कु उच्चारण जन होलो वनि त होण चैंद 'छौं' कु भि।

 

हिन्दी शब्दों दगड़ि जरूर तुलना होण चैंदि गढ़वाळि मा लिखदि दौं।

 

धन्यवाद 🙏(कमि-बेसि पर सुझावों कि जग्वाळ)---------------

 

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