देखो !


 

देखो !

 

कितनी करवट बदलती है जिंदगी

चेहरे का हाल देखो।

होते हैं आस्तीन में भी सपोले

बैठे कई प्यारे लाल देखो ||

 

बिडला ही पीठ थपथपाता मिलेगा

रूलाने वालों का कतार देखो ।

सिसकियां कौन सुनता है ऐ मेरे दोस्त

चिल्लाकर एक बार देखो ||

 

पैसों में बिक रहे हैं रिश्ते

 फिल्मों में संस्कार देखो ।

तोड़ रही ममता भी सांसे

बाजार में बिकता प्यार देखो ||

 

एक मोबाईल खा गया सबकुछ

अक्लमंद इंसान लाचार देखो ।

शहर में भीड बहूत है भाई

अकेलेपन का शिकार देखो ||

 

बेटा न जाने बापू को

उजड़ते घर परिवार देखो ।

अपनो से अपने भाग रहे

आधुनिकता का संसार देखो ॥

 

सर्वअधिकार सुरक्षित

 संतोष नेगी 'छुयाँळ

इतना भी मत खो मेरे दोस्त

सबकुछ खोता न देखो । इंसान बन इंसान रह 'छंयाळ चराचर यह संसार देखो ॥

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