हिन्दी । गढ़वाली । कुमाउँनी । गजल । अन्य । कवि । कवयित्री । लेख ।
उत्तराखंड देवभूमि I अनछुई सी तृप्ति I ढुंगा - गारा I आखर - उत्तराखंड शब्दकोश I उत्तराखंड I गढ़वाली शब्दों की खोज I कुमाउनी शब्द संपदा I उत्तराखंडी यू ट्यूब I कवितायें I कुमाउनी शब्द संपदा I उत्तराखंडी यू ट्यूब I उत्तराखंड संस्कृतिI कवितायें
झट बोड़ी औलु घार
प्रेरणा गीत
धुल गढ़ देश मिन
लगणी छ डर
मेरी जुकडी भी कपणी
छ थर्र
है सोजण्य क्या
बोन में लगणी भारी डर्
हे सोजण्य जुकणी
भी मेरी कपंणी थर्र
कभी नाक टुटणी त
कभी जुखाम लग्णु
सोजण्य त्वे दिन्यु
वादु मैं नि निभे सकणु
ई महामारी मा वैवजह
कु कोहराम मचणु
सोजण्या त्वैन भी
मास्क रूमैल लगें रखणू
धूल गढ़ देश यनु
कोहराम मचणु
विधाता भी मौन ह्वैक
तमाशा दिखणु
विधाता कि नगरी
मा कनी बिमारी आयी
धुल गढ़ देश में
वैवजह कु कनु कहर लायी
अपणा घरबार ह्वैक
हमुणी अपणो की डार
सोज्णया प्यारी
झट बोड़ी औलु घार
© नवीन जोशी
गौं कोट. देव
मुल्क,
गढ़वाळि कविता
/गीत

0 टिप्पणियाँ